इमरान की चाहत:PAK प्रधानमंत्री बोले- मोदी के साथ TV डिबेट करना चाहता हूं, इससे दोनों देशों के करोड़ों लोगों को फायदा होगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को रूस दौरे पर रवाना होने वाले हैं। इसके पहले उन्होंने रूस के एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। कहा- मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टीवी पर बहस करना चाहता हूं। इससे दोनों देशों के रिश्तों पर अच्छी चर्चा हो सकेगी और हम बातचीत के जरिए कई मसलों का हल खोज सकेंगे। इससे भारत और पाकिस्तान के करोड़ों लोगों को फायदा होगा। इमरान का रूस दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब रूस और यूक्रेन के बीच बिल्कुल जंग जैसा माहौल है। रूस ने यूक्रेन के दो प्रांतों (लुहांस्क-डोनेट्स्क) को अलग देश घोषित कर दिया है। अमेरिका और पश्चिमी देश रूस के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं।

नजर रूस पर और जिक्र भारत का

करीब 22 साल बाद पाकिस्तान का कोई प्रधानमंत्री रूस दौरे पर जा रहा है। इसके पहले पिछले महीने इमरान चीन भी गए थे। चीन और रूस के बीच अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देश इन दोनों देशों से नाराज हैं। बहरहाल, रूस दौरे से पहले एक रस्मी इंटरव्यू में खान ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र भी कर दिया। एक सवाल के जवाब में कहा- मैं चाहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी मुझसे टीवी पर डिबेट करें। अगर हम बातचीत से मुद्दे हल कर पाए तो इससे उपमहाद्वीप और दोनों देशों के करोड़ों लोगों को फायदा होगा।

खास बात यह है कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने अब तक इमरान के बयान पर किसी तरह का रिएक्शन नहीं दिया है।

पाकिस्तान की मजबूरी

इमरान के मुताबिक, पाकिस्तान के पास कारोबार के लिहाज से साउथ एशिया में बहुत कम विकल्प हैं। वैसे, इमरान का यह बयान वक्त की मांग भी है। दरअसल, पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में है। इसकी पेरिस में मीटिंग चल रही है। माना जा रहा है कि उसका ग्रे लिस्ट से निकलना मुश्किल है। FATF टेरर-फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने में पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की किस्मत का फैसला 24 फरवरी को आएगा। पेरिस स्थित इस वॉचडॉग ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए धन जुटाने जैसे मुद्दों पर 2018 में पाकिस्तान को ग्रे-लिस्ट में रखा था।

इमरान के एडवाइजर की राय

इमरान अब तक सियासी वजहों के चलते भारत से ट्रेड बहाल करने से बचते रहे हैं, लेकिन उनके दोस्त, मुल्क के बड़े कारोबारी और एडवाइजर अब्दुल रज्जाक दाऊद ने पिछले दिनों यह कहकर उन्हें मुश्किल में डाल दिया कि भारत के साथ कारोबार वक्त की जरूरत है और इसका सबसे ज्यादा फायदा पाकिस्तान को ही होगा।

वैसे, दाऊद अकेले नहीं हैं। पिछले महीने पाकिस्तान के सबसे बड़े कारोबारी मियां मोहम्मद मंशा ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बैकडोर डिप्लोमैसी चल रही है और जल्द ही दोनों के बीच ट्रेड रिलेशन बहाल होंगे। मंशा ने तो यहां तक कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने पाकिस्तान की यात्रा पर आ सकते हैं। हालांकि, भारत का हमेशा से यह पक्ष रहा है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।