भीमराव आंबेडकर विश्वविधालय की कुलपति आशा शुक्ला ने दिया इस्तीफा ,eow दर्ज कर सकती है एफआईआर

इंदौर के महू में स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशा शुक्ला को राज्य शासन ने हटा दिया है। उनके खिलाफ अनियमितता के आरोप लगे थे जिसके बाद इंदौर संभागायुक्त ने की शिकायतों की जांच की थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही यह कार्यवाही हुई। इसके बाद Eow जल्द ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकता है।आरोप है कि कुलपति ने पंचायत राज प्रशिक्षण के दौरान बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाएं व्यय किए। परामर्श एवं अतिथि विद्वानों की नियुक्ति में भी विधिवत प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। बिना सक्षम स्वीकृति के विश्वविद्यालय में अध्ययनशालाओं का गठन किया। जांच के दौरान शिकायतों के संबंध में मूल दस्तावेज जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराए। भारी आर्थिक अनियमितताओं के चलते राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय में धारा 44 लगाकर कुपपति को अपने पद से हटा दिया है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इस्तीफा

आशा शुक्ला ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि- आपके मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय को इतनी ऊंचाइयों पर अपने सहयोगियों के साथ पहुंचाया है। मैं अपने निजी कारणों से अब आगे सेवाएं निरंतर रखने में असमर्थ हूं। कृपया मेरा त्यागपत्र स्वीकार कीजिए। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रो. आशा शुक्ला की जगह किसी दलित को डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया जा सकता है

दलित हो सकता है नया कुलपति

प्रो. आशा शुक्ला की जगह किसी दलित को डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय का कुलपति बनाने की चर्चा है। सूत्रों का दावा है कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव अपने किसी करीबी को इस पद पर बिठा सकते हैं।