सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh),जान‍िए नाराजगी की वजह

भोपाल।।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा के सदस्य दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh)को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात का समय लेने के लिए धरना देना पड़ा।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh) ने कहा कि भोपाल, राजगढ़, गुना और विदिशा में संचालित टेम एवं सिंचाई परियोजनाओं के प्रभावित किसानों तथा अन्य ग्रामीणों की राहत एवं पुनर्वास से जुड़ी कठिनाइयों को लेकर वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह(Digvijay Singh) से मिलना चाहते हैं। लेकिन सीएम शिवराज से जब उन्हें समय नहीं मिला, तो वे धरने पर बैठ गए।सीएम आवास के पास सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया है।सीएम आवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है. सीएम शिवराज की ओर से दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh) को अब 23 जनवरी को मिलने का समय दिया गया है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh)ने कहा कि जिन किसानों की जमीन सुठालिया बांध योजना में डूब में आ रही है उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। उनकी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे इसके लिए कई दिन पहले समय मांगा था लेकिन समय नहीं दिया जा रहा था। आखिर में जब समय दिया गया तो एन वक्त पर उसे निरस्त कर दिया गया। दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh)ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने किसानों के मुद्दों पर भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों से चर्चा की है। सुंदरलाल पटवा एवं कैलाश जोशी के जमाने में वह बगैर समय मांगे ही उनके घर पर जाकर चर्चा कर लेते थे। मौजूदा सरकार किसानों के मुद्दे पर सिर्फ भाषण दे रही है लेकिन जमीनी समस्याओं पर चर्चा नहीं करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सचिवालय की सूचना के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हर एक जिले से पांच-पांच प्रतिनिधि हमने बुलवा लिए। गुरुवार 20 जनवरी को पुनः फोन आया कि मुख्यमंत्री के साथ आपका अपाइंटमेंट निरस्त हो गया है। क्यों निरस्त हुआ? पूछने पर भी स्पष्ट नहीं किया गया।’

सिंह ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री की आज की व्यस्तताएं ऐसी नहीं थी कि जिनकी वजह से तय मुलाकात का समय निरस्त करना पड़ता।

सिंह ने चेताया कि यदि अप्वॉइंटमेंट रद्द हुआ तो इस बार भोपाल में नहीं चारों जिलों में सिंचाई परियोजनाओं कि किसी भी मशीन को घुसने नहीं दिया जायेगा। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रस्तोगी से फोन पर मिले आश्वासन के बाद दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh) ने अपना धरना समाप्त किया।

शिवराज को दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh)ने दी थी यह ‘धमकी

मुख्यमंत्री से 21 जनवरी की मुलाकात का कार्यक्रम रद्द किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh) जमकर गुस्सा हुए थे। उन्होंने कहा था, ‘एक पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य के साथ इस तरह का बर्ताव शिवराज जी आपको बहुत महंगा पड़ेगा।’

दिग्विजय के इस बयान पर सरकार के प्रवक्ता और राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘एक पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा के सदस्य और वरिष्ठ नेता का रवैया निंदनीय है। मुख्यमंत्री से समय के लिए अड़ीबाजी और तालिबानी अंदाज कांग्रेस पार्टी के असली चरित्र को उजागर करता है।’

शिवराज ने कमलनाथ से की ‘शिकायत’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीसीसी चीफ कमलनाथ की शुक्रवार को भोपाल के स्टेट हेंगर पर अनायास मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम के लिए सोनकच्छ जा रहे थे, जबकि नाथ छिंदवाड़ा के अपने दौरे से भोपाल वापस लौटे थे।सीएम से हुई मुलाकात के बाद कमलनाथ धरना स्थल पहुंचे और दिग्विजय सिंह(Digvijay Singh)से मुलाकात की। कमलनाथ ने मीडिया को बताया, ‘स्टेट हेंगर पर मिले सीएम ने दिग्विजय सिंह द्वारा उनके खिलाफ धरना दिये जाने का दर्द बयां किया था। मैंने कहा जब आप समय नहीं देंगे तो जनप्रतिनिधि क्या करेंगे?’