BHOPAL LIVE:जे पी अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार:प्रसूति विभाग के शौचालयों में लगे हैं टूटे हुए दरवाजे,वॉटर कूलर हो चुका है कंडम

JP HOSPITAL BHOPAL
स्वास्थ्य महकमा अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के प्रति कितना संजीदा है। उसकी एक बानगी प्रदेश के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय में देखी जा सकती है। राजधानी स्थित प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पतालों में शुमार जयप्रकाश नारायण चिकित्सालय(JAYPRAKASH NARAYAN HOSPITAL BHOPAL) की व्यवस्थाओं का जब हमने जायजा लिया तो वहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ मिला।

भोपाल।

स्वास्थ्य महकमा अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के प्रति कितना संजीदा है। उसकी एक बानगी प्रदेश के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय में देखी जा सकती है। राजधानी स्थित प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पतालों में शुमार जयप्रकाश नारायण चिकित्सालय(JAYPRAKASH NARAYAN HOSPITAL BHOPAL) की व्यवस्थाओं का जब हमने जायजा लिया तो वहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ मिला। हालात ये थे कि प्रसूति विभाग में जहाँ चारों ओर गंदगी ही दिखाई दे रही थी तो वहीं शौचालयों में दरवाजे तक नहीं थे,वह टूट चुके थे। शौंचालय की इस स्थिति के कारण प्रसूताओं एवं उनके परिजनों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही पीने के पानी को लेकर भी समस्याएं हैं। प्रसूति विभाग में लगा वॉटर कूलर कंडम हो चुका है,टूटा हुआ है। स्त्री एवं प्रसूति विभाग में जितनी सावधानी बरतनी चाहिए,उतने ही यहां के हालात बदतर हैं। प्रबंधन भी इसको लेकर उदासीन है।

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प्रदेश का आदर्श अस्पताल बनाने की कवायद
प्रदेश सरकार जयप्रकाश नारायण अस्पताल को पूरे प्रदेश में आदर्श अस्पताल बनाने को लेकर अग्रसर है,लेकिन यहाँ के जो हालात हैं उससे यह लगता है कि यह अस्पताल अव्यवस्था में पूरे प्रदेश में आदर्श बनेगा।

मेंटीनेंस में करोड़ो खर्च
अस्पताल की दशा सुधारने के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में करोड़ो रुपए का बजट निर्धारित किया जाता है,लेकिन यह बजट कहाँ खर्च हो रहा है। इसका अंदाजा आप सहज ही लगा सकते हैं। जब अस्पताल में वॉटर कूलर तक कि स्थिति अच्छी नहीं है,शौचालयों में दरवाजे नहीं है। गंदगी का अंबार है,तो मेंटिनेंस की राशि अस्पताल कहाँ खर्च कर रहा है,यह एक बड़ा सवाल है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
ऐसा नहीं है,यदि ऐसा है तो तत्काल सुधार करने का निर्देश देता हूँ।

राकेश श्रीवास्तव
सिविल-सर्जन

इंतजार की घड़ी जल्द होगी समाप्त,नवंबर अंत तक काटजू अस्पताल में शुरू होगी प्रसूताओं एवं नवजातों को भर्ती करने की सुविधा

30 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए काटजू अस्पताल(KATJU HOSPITAL BHOPAL) में प्रसूताओं एवं नवजातों को भर्ती करने की प्रक्रिया नवंबर माह के अंत तक शुरू हो सकती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कर्नल पी.के सिंह ने बताया कि अस्पताल बनकर तैयार है,कुछ काम अभी बांकी हैं जिन्हें पूरा करने का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि नवंबर माह के अंत तक सारे कार्य पूरे हो जायेगें और प्रसूताओं एवं नवजातों को अस्पताल में भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। यदि ऐसा रहा तो जे.पी और सुल्तानिया में डिलेवरी का प्रेशर थोड़ा कम हो जायेगा। 300 बेड के इस अस्पमाल में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रसूताओं एवं नवजातों को मिलेगी। असपताल में अत्याधुनिक मशीनें हैं जिससे सभी प्रकार की जाचें की जा सकेंगी,इसकी सुविधा मरीज को नि:शुल्क मिलेंगी। अस्पताल में डॉक्टरों की भी कोई कमी नहीं है। फिलहाल अभी ओपीडी अस्पताल में शुरू है जहां प्रतिदिन लगभग 300 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनका नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।

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