अनूपपुर-भ्रष्टाचार से सराबोर नाली निर्माण की कहानी, तोड़ो फिर बनाओ

पुष्पराजगढ़ /
सरकार चाहे विकास के लाख दावे कर ले पर जमीनी हक़ीक़त पर विकास के दावे खोखले ही नजर आते है दसअसल हम बात कर रहे है अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ तहसील की जहा आये दिन पुष्पराजगढ़ भ्रस्टाचार के मामले में सुर्खिया बटोरते रहता है ऐसा ही एक मामले से हम आपको रूबरू करा रहे है जहा नाली निर्माण कार्य में जमकर भ्रस्टाचार मचाया जा रहा है आपको बतादें की तहसील मुख्यालय में शहडोल लोकसभा की शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद, विधायक, एसडीएम, जनपद सीईओ और जिले के भी आला अधिकारियो का भी आवागवन इसी मुख्यालय से होता रहता है लेकिन मुख्यालय पर चल रहे कार्य पर इन जिम्मेदारों की नजर नहीं ठहरती या देख कर अनदेखा कर देते है
कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर के दौरान लगे लाक डाउन के बाद से चल रहे तहसील मुख्यालय पुष्पराजगढ़ में नाली निर्माण का कार्य आज दिनाक तक पूर्ण नहीं हो सका इस नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सवाल समय समय पर उठते रहे है फिर भी जिम्मेदारों के कानो पर जूं तक नहीं रेंग रही है इस नाली निर्माण कार्य में खुले आम भ्रस्टचार किया जा रहा है जबकि विभाग के आला अधिकारी तहसील मुख्यालय में ही बैठते है उन्हें भी फुरसत नहीं है की नाक के नीचे चल रहे काम पर नजर डाल सके ठेकेदार अपनी मनमर्जी तरिके से नियमो को ताक में रखते हुए खुले आम घटिया निर्माण कार्य कर रहा है या यु कहे आला अधिकारी भी इस गुणवत्ताविहीन काम में ठेकेदार को संरक्षण दे रहे है जब हमारे टीम ने नाली निर्माण कार्य का जायजा लिया तब देखा की दलदल और बहते पानी में बेस डाला जा रहा है जिसमे सारा सीमेंट और रेत पानी में बह रहा है
चल रहे निर्माण कार्य का जब जायजा लिया तब भ्रस्चाचार की पोल ही खुल गई ठेकेदार ने बिना बाइव्रेटर और बिना ठसाई किये ही नाली की दीवार खड़ी कर दी जिससे पुरे दीवाल पर गिट्ठिया दिख रही है और नाली की बनी दीवार पर हाथ लगाया तो गिट्टी झड़ने लग गई जिससे अनुमान लगाया जा सकता है की सीमेंट और रेत की मात्रा मापदंड के अनुसार नहीं डाली गई जब साइड इंजीनियर से बात करने का प्रयास किया तब इंजीनियर साहब पहले कैमरे से भागते नजर आये और जब साहब को चल रहे कैमरे की जानकारी दी गई तब जाकर इंजीनियर ने अपना पक्ष रखते हुए बताया की हो रहे निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा लापरवाही की गई है और हमारे द्वारा नाली तोड़ने के आदेश दे दिए गए है | तहसील मुख्यालय के बजार राजेन्द्रग्राम में लगभग 24 लाख की लागत से नाली निर्माण का कार्य चल रहा है जिसमे नाली के ढक्क्न अभी भी बहुत से जगह खुले हुए है जिससे 24 घंटे सातो दिन आठों पहर बड़ी दुर्घटना होने की सम्भावना बनी रहती है कई हादसे हो चुके है कई व्यक्ति नाली में गिर कर चोटिल हो चुके है बीते दिनांक ही मुख्य बजार परिसर में बन चुकी बिना ढक्क्न के नाली में एक गाय अपना पेट भरते हुए गिर गई जिसे व्यापारियों की मदद से बाहर निकाला गया और व्यपारियो से इस मामले में जब बात की तो उन्होंने बताया की खुली नाली की वजह से रोजाना कोई न कोई व्यक्ति इस खुली नाली का शिकार हो ही जाता है और हॉस्पिटल का रास्ता पकड़ लेता है इसे ठकेदार की लापरवाही कहे या जिम्मेदार अधिकारियो की सवाल तो खड़ा होता है….?

पुष्पराजगढ़ से अनिल दुबे की रिपोर्ट