भोपाल में महाशिवरात्रि का उल्लास:दूल्हा बने शिव, भक्त बाराती, मंदिरों में गूंजा- ‘ऊं नम: शिवाय’; CM शिवराज ने की बाबा बटकेश्वर की पूजा, खींचा रथ

भोपाल के कोलर में निकली शिव बारात
भोपाल के कोलर में निकली शिव बारात

बुलंदसोच न्यूज़,1 मार्च 2022,भोपाल।

प्रदेश की राजधानी भोपाल से 32 किमी दूर भोजपुर में सुबह 4 बजे से महाशिवरात्रि का उल्लास है। बाबा की विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करने के बाद भक्तों ने दर्शन किए। रात 9 बजे तक भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे। महाशिवरात्रि (mahashivratri)पर बाबा दूल्हा बने हैं और भक्त बाराती। 3 क्विंटल फूलों से बाबा का सेहरा सजा है। वहीं, भोपाल (Bhopal)के बड़वाले महादेव मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ गया है। CM शिवराज सिंह चौहान ने बाबा बटकेश्वर का रथ भी खींचा।

सुबह 11 बजे CM चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने बाबा बटकेश्वर की पूजा-अर्चना की। करीब 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद बाबा की बारात शुरू हुई। चांदी के रथ में बाबा विराजित हैं और दूल्हे के रूप में सजे हैं। सीएम चौहान ने अपने हाथों से बाबा का रथ खींचा। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व महापौर आलोक शर्मा आदि भी मौजूद थे। बारात सिंधी मार्केट, जवाहर चौक, जुमेराती, हनुमानगंज, मंगलवारा, इतवारा, चिंतामन चौक, सावरकर चौक, लखेरापुरा होते हुए भवानी मंदिर सोमवारा पहुंचेगी। जहां पर वरमाला कार्यक्रम होगा। इसके बाद देर रात बारात वापस लौटेगी।

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इन मंदिरों में उमड़ा सैलाब

शाहजहांनी पार्क स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर से बाबा पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। सुबह से ही मंदिर में भक्त दर्शन करने पहुंचे।छोला विश्राम घाट पर विराजे मुक्तेश्वर महाकाल का फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया है। पूजा-अर्चना और अभिषेक भी हुआ। गेंदा, गुलाब, सेवंती आदि किस्म के फूलों से बाबा का दरबार सजाया गया है।
जनकपुरी, जुमेराती में व्यापारियों ने फलाहारी खिचड़ी का भंडारा किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित की गई।
जनकपुरी, जुमेराती में व्यापारियों ने फलाहारी खिचड़ी का भंडारा किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित की गई।
गोविंदपुरा पशुपतिनाथ मंदिर में दोपहर में गंगाजली कलश यात्रा शुरू होगी। कलश यात्रा खेड़ापति हनुमान मंदिर भवानी धाम से शुरू होकर पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेंगी। 2 मार्च को मंदिर में भोजन प्रसादी भंडारा होगा।कोलार नयापुरा में मां पहाड़ावाली मंदिर परिसर में स्थापित बारह ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच गए। मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ है।


लालघाटी स्थित गुफा मंदिर में महादेव की पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया। प्रसादी का वितरण भी किया जा रहा है।
अशोका विहार स्थित दुर्गाधाम मंदिर, दादाजी धाम मंदिर, ओल्ड सुभाषनगर, मां आशापुरा दरबार समेत शहर के अनेक शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि मनाई जा रही है।
बाबा बटकेश्वर की पूजा-अर्चना के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री चौहान।

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भोजपुर में महाशिवरात्रि पर मंदिर 17 घंटे तक खुला रहेगा। इस दौरान डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। ‘बम-बम भोल’ और ‘ऊं नम: शिवाय’ गूंज रहा है। भोपाल के अलावा रायसेन, विदिशा, सीहोर, होशंगाबाद, हरदा समेत आसपास के कई इलाकों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दोपहर में भीड़ बढ़ जाएगी। इसलिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की है। वहीं, मंदिर समेत आसपास के इलाकों में पुलिस तैनात की गई है।

गाड़ियों की पार्किंग की यह है व्यवस्था

भोजपुर में इतनी अधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर से एक किमी दूर फोर व्हीलर की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। टू-व्हीलर की पार्किंग के लिए 4 से 5 स्पॉट बनाए गए हैं। मंदिर से 500 मीटर के दायरे में गाड़ियों की एंट्री रोक दी गई है। ताकि, जाम की स्थिति न बने।

मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

भोजपुर का शिव मंदिर (bhojpur shiv mandir) सबसे ऊंचे शिवलिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 22 फीट ऊंचा यह शिवलिंग दुनिया में सबसे ऊंचा और विशालतम है। यह इस मंदिर की पहली विशेषता है। यही नहीं, यह शिवलिंग एक ही पत्थर से बना है। पुजारी ने बताया, महाशिवरात्रि पर बाबा का 3 क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है। एक दिन पहले ही बाबा का श्रृंगार किया। वहीं, महाशिवरात्रि पर सुबह 4 बजे से मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया गया है।