विवादित बयान:मंत्री बिसाहूलाल के माफी से नहीं बनी बात,इस्तीफे पर अड़ी करणी सेना

विवादित बयान:मंत्री बिसाहूलाल के माफी से नहीं बनी बात,इस्तीफे पर अड़ी करणी सेना
विवादित बयान:मंत्री बिसाहूलाल के माफी से नहीं बनी बात,इस्तीफे पर अड़ी करणी सेना

करणी सेना ने भोपाल में फूंका पुतला,पदाधिकारी बोले- माफी नहीं, इस्तीफा दो

बुलंदसोच न्यूज़,29 नवम्बर2021,भोपाल।

अपने विवादित बयान पर घिरे शिवराज सरकार के मंत्री बिसाहूलाल सिंह की मुश्किलें माफी मांगने के बावजूद कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मध्यप्रदेश उनके इस्तीफे पर अड़ गई है। इसके चलते सोमवार को भोपाल के करोंद में मंत्री साहू का पुतला फूंका गया। वहीं, शाम को खजूरीकलां में भी पुतला फूंका जाएगा।

Read more:MP LIVE:रीवा के कटरा गांव में बाइक सवाल नाले में गिरे,तीन की मौत

पदाधिकारियों का कहना है कि मंत्री साहू की माफी नहीं इस्तीफा चाहिए।
मंत्री साहू ने अनूपपुर की एक सभा में सवर्ण महिलाओं पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद प्रदेशभर में उनके विरोध में राजपूत समाज उतर गया था। हालांकि, 26 नवंबर को मंत्री बयान को लेकर लिखित माफी मांग चुके हैं। वहीं, रविवार को CM शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री को तलब कर चेतावनी दी थी कि आगे से ऐसे बयान न दें, वरना माफी नहीं करेंगे। BJP प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मंत्री साहू ने भी वीडियो जारी कर राजपूत समाज से माफी मांगी थी। बावजूद समाज के लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वे मंत्री साहू के इस्तीफे पर अड़ गए हैं।

मंत्री के खिलाफ नारेबाजी, बंगले की सुरक्षा बढ़ाई

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने सोमवार दोपहर 12 बजे करोंद में मंत्री का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया, हमें मंत्री साहू का इस्तीफा चाहिए। माफी से काम नहीं चलेगा।
इस्तीफा दें, वरना प्रदेशभर में प्रदर्शन करेंगे

read more:750 से अधिक कुर्बानी, विश्व में छवि धूमिल, करोड़ो खर्च, अंतत: कृषि कानून वापस

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना प्रदेश सचिव अजीतसिंह डोडिया ने कहा, मंत्री साहू का माफीनामा नहीं चलेगा। हमें मंत्री पद से इस्तीफा चाहिए। इस्तीफा नहीं दिया तो प्रदेशभर में प्रदर्शन करेंगे।

इस बयान से मचा बवाल

मंत्री साहू ने अनूपपुर की एक सभा में अपने भाषण में कहा था- जितने बड़े-बड़े लोग हैं, वो अपने घर की औरतों को कोठरी में बंद करके रखते हैं। बाहर निकलने ही नहीं देते। जितने धान काटने वाले, आंगन लीपने वाले, गोबर फेंकने का काम हमारे गांव की महिलाएं करती हैं। उन्होंने कहा था कि जब महिलाओं और पुरुषों का बराबर अधिकार है तो दोनों को बराबरी से काम भी करना चाहिए। सब अपने अधिकारों को पहचानों और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करो। बड़े लोगों की महिला बाहर न निकले तो पकड़-पकड़कर उन्हें बाहर निकालों, तभी तो महिलाएं आगे बढ़ेंगी।


बयान के बाद जब प्रदेशभर में प्रदर्शन हुआ तो मंत्री ने 26 नवंबर को लिखित माफी मांगी थी। वहीं, 28 नवंबर को CM शिवराज सिंह और BJP प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने उन्हें तलब किया था। इसके बाद वीडियो जारी कर मंत्री ने फिर से माफी मांगी थी।