लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती आज

आज देश भर मे सरदार पटेल की जयंती मनाई जा रही है। वल्लभ भाई पटेल का जन्‍म 31 अक्‍टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद जिले में हुआ था. आज उनकी 146वीं जयंती है. सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है। देश के पहले गृहमंत्री रहे व 562 रियासतो को मनोनित कर भारत में मिलने में अतुलनीय योगदान दिया। देश की आजादी में वल्लभ भाई का महत्व पूर्ण योगदान दिया।

सरदार पटेल जी की च

बारडोली सत्याग्रह, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान जून 1928 में गुजरात में हुआ यह एक प्रमुख किसान आंदोलन था जिसका नेतृत्व सरदार पटेल ने किया था। उस समय प्रांतीय सरकार ने किसानों के कर  में 22 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी थी। पटेल ने इस कर वृद्धि का जमकर विरोध किया। सरकार ने इस सत्याग्रह आंदोलन को कुचलने के लिए कठोर कदम उठाए, पर अंतत: विवश होकर उसे किसानों की मांगों को मानना पड़ा। एक न्यायिक अधिकारी बुम्फील्ड और एक राजस्व अधिकारी मैक्सवेल ने संपूर्ण मामलों की जांच कर 22 प्रतिशत लगान वृद्धि को गलत ठहराते हुए इसे घटाकर 6.03 प्रतिशत कर दिया।

इस सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने  वल्लभ भाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की। किसान संघर्ष एवं राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम के अंर्तसबंधों की व्याख्या बारदोली किसान संघर्ष के संदर्भ में करते हुए गांधीजी ने कहा कि इस तरह का हर संघर्ष, हर कोशिश हमें स्वराज के करीब पहुंचा रही हैं और और हम सबको स्वराज की मंजिल तक पहुंचाने में ये संघर्ष सीधे स्वराज के लिए संघर्ष से कहीं ज्यादा सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

सन 1991 में सरदार पटेल को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया।