MP NEWS:एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने की प्रदेश सरकार की तैयारी

बुलंदसोच न्यूज़,भोपाल.

बेरोजगारी को दूर करने प्रदेश सरकार ने एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने की तैयारी कर रही है।
बेरोजगारों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में विभागीय अफसरों के साथ बैठक कर खाली पड़े पदों की जानकारी जुटाकर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं.

Read more:MP LIVE:महिला एसआई को गोली मारकर TI ने किया सुसाइड,इंदौर कंट्रोल रूम की घटना

बता दें कि अलग-अलग विभागों में एक लाख से ज्यादा पदों पर सरकार भर्ती करने की तैयारी में है.यह पद लंबे समय से रिक्त हैंशुरुआती आंकड़ा जो निकल कर सामने आया है उसके तहत एक लाख पदों पर सरकार भर्ती करेगी. इन पदों की संख्या बढ़ भी सकती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि जहां खाली पद हैं उनकी जानकारी जल्द से जल्द भेजें ताकि उन पर भर्तियां शुरू की जा सकें. राज्य सरकार सरकारी और निजी क्षेत्र में लोगों को रोजगार के अवसर देने के लिए आने वाले दिनों में बड़े कदम उठा रही है।

कांग्रेस ने बताया जुमला

गौरतलब है कि प्रदेश में इस समय पंचायत और निकाय चुनाव हो रहे हैं,इस बीच सीएम शिवराज के एक लाख से ज्यादा सरकारी भर्ती करने के ऐलान पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री की घोषणा चुनाव को प्रभावित करने की कवायद है. सरकार अब तक चयनित शिक्षकों की भर्ती नहीं कर पाई है. सरकार के दावों को कांग्रेस ने जुमला बताया है.

बेरोजगारों का आंकड़ा 40 लाख से ज्यादा

दरअसल प्रदेश में बेरोजगारों का आंकड़ा 40 लाख के करीब है. लंबे समय से कई विभागों में सरकारी भर्तियां नहीं हुई हैं. लेकिन अब शिवराज सरकार मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के जरिए बड़े पैमाने पर भर्ती करने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में 18 महीने 10 लाख रोजगार देने के ऐलान के बाद शिवराज सरकार भी भर्तियां शुरू करने की तैयारी में है.

Read more:REWA LIVE:गोविंदगढ़ तालाब में नहाते समय डूबने से एक युवक की मौत

यही कारण है कि राज्य सरकार ने सभी विभागों को 15 दिन के अंदर खाली पदों की जानकारी देने को कहा है. इससे ये माना जा रहा है कि पंचायतों निकाय चुनाव के खत्म होते ही सरकार सरकारी भर्तियां शुरू कर देगी. ताकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगारी के मुद्दे पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जा सके.