MP TET- DPI में नियुक्ति अभ्यर्थियों को TRIBAL विभाग ने द्वितीय काउंसलिंग में भी बुलाया ,सरकार का नए अभ्यर्थियों के साथ धोखा है या कुछ और…..

बुलंदसोच / भोपाल

इन दिनों टीवी पर एक ad चल रहा है ,दर्द से कराहता एक युवक दवाई की दुकान पर दवा मांगता है दुकानदार कहता है दर्द से राहत पाना है तो मिर्ची खाओ या फिर लो झुनझुना बजाओ , यही कहानी मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में पास अभ्यर्थियों के साथ हो रही है इससे इंकार नही किया जा सकता है।

कछुआ गति से चल रही शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग प्रक्रिया से अभ्यर्थी पहले ही आहत हैं अब ट्राइबल विभाग द्वारा द्वितीय काउंसिल प्रक्रिया से अभ्यर्थियों में रोष का वातावरण व्याप्त हो गया है। ट्राइबल विभाग ज्यादातर उन्ही अभ्यर्थियों को पुनः मौका दे रहा है जिन्हें DPI ने पूर्व में ही नियुक्ति कर दिया गया है।

DPI ने 25 अगस्त 2022 को उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती नियुक्ति की नई लिस्ट जारी किया है। ट्राइबल विभाग ने 26 अगस्त को वर्ग 1 उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता प्रक्रिया में 90 प्रतिशत उन्हीं अभ्यर्थियों को मौका दिया है जिनकी नियुक्ति DPI में हो चुकी है।

द्वितीय काउंसिल की बाट जोह रहे नए अभ्यर्थियों में इस प्रक्रिया को लेकर काफी मायूसी के साथ रोष व्याप्त है। अतिथि शिक्षक कोटे से पास अभ्यर्थी श्रद्धा का कहना ऐसे ही चलता रहा तो न तो नए अभ्यर्थियों को नौकरी मिल पाएगी और न ही सरकार काउंसलिंग करवा पाएगी अंत मे भर्ती ही समाप्त कर देगी ,वहीं अतिथि शिक्षक कोटे से पास अभ्यर्थी अजीत कुमार का कहना है कि शिवराज सरकार बस खानापूर्ति करने में लगी है ,जब पूर्व में नियुक्ति अभ्यर्थियों को ही मौका देना था तो द्वितीय या तृतीय काउंसलिंग करवाने की सरकार को नौटंकी की जरूरत ही क्या थी ।

गौरतलब है कि आदिम जाति कल्याण विभाग शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पूर्व से ही संदेह के घेरे में है। माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ट्राइबल विभाग ने ओबीसी कोटे व ईडब्ल्यूएस कोटे से आरक्षित अभ्यर्थी को बिना मेरिट सूची में आये ही ur अनारक्षित कोटे से नियुक्त कर दिया, और अब वर्ग 1 की द्वितीय काउंसलिंग में भी DPI में नियुक्ति अभ्यर्थियों को पुनः मौका देकर नए अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नही है तो क्या है।

MP TET पास अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में चाहे वो DPI करे या ट्राइबल विभाग नए अभ्यर्थियों को मौका दिया जाय,साथ ही खाली पदों की संख्या में सरकार वृद्धि करे।