MP में तीसरी लहर से निपटने की तैयारी पर सवाल:राज्य सरकार ने दो साल में ऑक्सीजन प्लांट और कंसंट्रेटर के लिए 9 टेंडर जारी किए, एक में भी खरीदी नहीं

Bulandsoch news,18jul 2021 Bhopal.

काेरोना की दूसरी लहर में सरकारी व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं। ऑक्सीजन के लिए लोगों को भटकना पड़ा था। अब अगस्त के अंत तक तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है। सरकार इससे निपटने की तैयारी के दावे भी कर रही है। लेकिन, दैनिक भास्कर की पड़ताल के बाद इन दावों की पोल खुलती दिख रही है। मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) पिछले दो साल में एक भी ऑक्सीजन प्लांट व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का टेंडर फाइनल नहीं कर पाया। हालांकि, केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।

पड़ताल में सामने आया कि MPPHSCL ने पिछले दो साल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन प्लांट और मेडिकल ऑक्सीजन रिफिल के लिए 9 टेंडर जारी किए। इनमें से किसी में भी खरीदी नहीं हुई। इससे कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों का कहना है, शर्तें कठिन होने के कारण कंपनियों ने भाग नहीं लिया, जबकि कोरोना काल में शर्तों में कोई राहत नहीं दी गई। छोटे-छोटे कारणों के कारण टेंडर कैंसिल कर दिए गए। आइए जानते हैं कब-कब कौन से टेंडर कैंसिल हुए और क्यों हुए?

14 अप्रैल 2021- जेम पोर्टल से खरीदी

21 अप्रैल 2021- टेंडर T-173


5 लीटर क्षमता के 5 हजार और 10 लीटर क्षमता के पांच हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने थे। इसमें कंपनियों ने भाग लिया, लेकिन 29 अप्रैल को बिना कारण बताए टेंडर कैंसिल कर दिया।

4 मई 2021- टेंडर नंबर-T-181


5 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए टेंडर प्रदेश के लिए निकाले गए। इसमें 7 कंपनियों ने भाग लिया, लेकिन टेंडर कैंसिल कर दिया गया।

14 जून 2021- टेंडर नंबर T-193


ऑक्सीजन प्लांट लगाने 1500 लीटर प्रति मिनट के पांच और 300 लीटर प्रति मिनट के दो प्लांट के लिए टेंडर जारी किए गए। इसमें 1500 लीटर के प्लाट लगाने के लिए चयनित एजेंसी ने वर्क ऑर्डर जारी करने के बाद लिख कर दे दिया कि वह काम करने में सक्षम नहीं है। इसका कारण कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की मौत बताया गया। वहीं, 300 लीटर प्रति मिनट के प्लांट में फर्म ने गलत रेट डालने से टेंडर निरस्त हो गए। अब इनका दोबारा टेंडर जारी किया गया है।

9 अक्टूबर 2020 T-98

मेडिकल ऑक्सीजन रिफिल करने के लिए प्रदेश के सात डिवीजन भोपाल, सागर, उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा के लिए टेंडर जारी किए गए। यह टेंडर निरस्त कर दिया गया।

5 अक्टूबर 2020-T-99

लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन विथ सुटेबल टैंक का टेंडर निकाला गया। इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया।

17 नवंबर 2020-टेंडर नंबर T-109

ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसमें 810 लीटर प्रति मिनट के 17 प्लांट, 945 लीटर प्रति मिनट के दो और 1080 लीटर प्रति मिनट का एक प्लांट लगना था। यह टेंडर निरस्त कर दिया गया।

​​​​​​2 दिसंबर 2020- टेंडर नंबर T-121

सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए टेंडर निकाला गया। इसमें 206 लीटर प्रति मिनट के 6 प्लांट, 300 लीटर प्रति मिनट के 11 प्लांट, 400 लीटर प्रति मिनट के 3 प्लांट लगना था। इसमें प्री-बिड में निविदा शर्ताें में कंपनियां की तरफ से छूट देने की मांग गई, लेकिन छूट नहीं मिलने से टेंडर में किसी ने भाग ही नहीं लिया। दरअसल, इस टेंडर में 1 करोड़ रुपए ईएमडी मांगी गई थी।

19 अगस्त 2019 T- 27

6 अस्पताल में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के टेंडर जारी किया। इसमें चार डिस्ट्रिक्ट और दो सिविल अस्पताल में प्लांट लगने थे। टेंडर निरस्त कर दिया गया।

जिम्मेदार बोले- दोबारा टेंडर जारी किए हैं

अस्पताल में भर्ती मरीजों की फजीहत,नर्सों के बाद सफाई कर्मियों ने भी शुरू की हड़ताल

MPPHSCL के एमडी विजय कुमार ने कहा कि पिछले टेंडर मेरे कार्यालय के नहीं हैं। हमारे कार्यकाल के कुछ टेंडर कंपनियां के टेक्निकल डिस्क्वालिफाई होने के कारण नहीं हो सके। जून का 1500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का टेंडर में एलवन चयनित कंपनी ने सप्लाई करने की क्षमता नहीं होने के कारण मना कर दिया है। वहीं, 300 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के टेंंडर में फर्म ने गलत रेट डाल दिए थे, इसलिए दोबारा टेंडर जारी किए हैं। 1500 कंसंट्रेटर खरीदे हैं।