Rewa news:वित्तीय अनियमितता के दोषी शिक्षक को बीआरसीसी बनाने की जुगत में शिक्षा विभाग

रीवा जिले का शिक्षा विभाग अजब है और यहां की कहानी भी गजब है।विभाग ने इस बार बीआरसीसी की परीक्षा के लिए एक ऐसे उच्च माध्यमिक शिक्षक के आवेदन को स्वीकृति कर दिया जो इस परीक्षा के लिए पात्र भी नहीं है।
रीवा जिले का शिक्षा विभाग अजब है और यहां की कहानी भी गजब है।विभाग ने इस बार बीआरसीसी की परीक्षा के लिए एक ऐसे उच्च माध्यमिक शिक्षक के आवेदन को स्वीकृति कर दिया जो इस परीक्षा के लिए पात्र भी नहीं है।

नियमों को दरकिनार कर बीआरसीसी परीक्षा के लिए आवेदन स्वीकृत

बुलंदसोच न्यूज़,11 अगस्त 2022।

रीवा जिले का शिक्षा विभाग अजब है और यहां की कहानी भी गजब है।विभाग ने इस बार बीआरसीसी की परीक्षा के लिए एक ऐसे उच्च माध्यमिक शिक्षक के आवेदन को स्वीकृति कर दिया जो इस परीक्षा के लिए पात्र भी नहीं है।अब तर्क यह दिया जा रहा है कि आवेदन स्वीकृति करने वाली कमेटी के पास अपात्रता के संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है।

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उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शिक्षा विभाग ने समस्त जिलों में एपीसी (सहायक परियोजना समन्वयक) एवं बीआरसीसी (विकासखंड स्रोत समन्वय) की नियुक्ति के लिए परीक्षा का आयोजन कर रहा है।परीक्षा के लिए शिक्षकों से विधिवत आवेदन मंगाए गए हैं।राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर जिले का शिक्षा महकमा भी एपीसी और बीआरसीसी के लिए शिक्षकों से आवेदन मंगाए हैं।

बीआरसीसी की परीक्षा के लिए रीवा विकासखण्ड में पूर्व में पदस्थ बीआरसीसी प्रवेश तिवारी ने भी आवेदन किया और आवेदन को स्वीकृति करने वाली कमेटी ने इनका आवेदन स्वीकृति भी कर दिया।जबकि प्रवेश तिवारी को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया था।इनसे वित्तीय अनियमितता की 27831 रुपये की वसूली करते हुए दंड स्वरूप एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गयी थी।वित्तीय अनियमितता के चलते ही इन्हें बीआरसीसी के पद से तत्काल प्रभाव से 2019 में हटा दिया गया था।इसके अतिरिक्त बृजेन्द्र गौतम एवं विनोद कुमार पांडेय का भी लेनदेन का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।जिसके बाद इन्हें भी बीआरसीसी के पद से हटाया गया था।इनका भी नाम परीक्षा हेतु चयनित किया गया है।

आवेदन के लिए कौन है पात्र

राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश दिनाँक 19 जुलाई 2022 के बिंदु क्रमांक 26 में स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसे अभ्यर्थी जो सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत किसी भी पद पर 4 वर्ष या उससे अधिक अवधि से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं अथवा रहे हैं।वे वर्तमान पदों के लिए पात्र नहीं होंगे।यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि जो सर्व शिक्षा अभियान मिशन अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर चुके हैं,उन्हें पुनः प्रतिनियुक्ति में आने हेतु न्यूनतम 2 वर्ष का कूलिंग ऑफ पीरियड अनिवार्य है।ऐसे अभ्यर्थी जिनकी सेवाएं पूर्व में अनियमितता के कारण वापस की गई थी,वे प्रतिनियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे।राज्य शिक्षा केन्द्र के इस आदेश को दरकिनार करते हुए आवेदन को स्वीकृति करने वाली कमेटी ने 8 अगस्त को परीक्षा हेतु पात्र सूची के सरल क्रमांक 19 प्रवेश तिवारी को पात्र कर दिया।

प्रतिनियुक्ति छिपाकर किया गया आवेदन

विभागीय सूत्रों की माने तो पूर्व बीआरसीसी वर्तमान में पाठ्य पुस्तक निगम में डिपो प्रबंधक के पद पर 12 नवम्बर 2021 से 02 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं जबकि इन्होंने आवेदन करते हुए प्रतिनियुक्ति को छिपाकर अपने को उच्च माध्यमिक शिक्षक सगरा में पदस्थ होना बताया है।उल्लेखनीय है कि आवेदन को स्वीकृति करने वाली कमेटी के प्रत्येक सदस्य को इनके प्रतिनियुक्ति एवं अनियमितता की पूर्व से ही जानकारी है।

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स्वीकृति कमेटी में ये हैं शामिल

आवेदन स्वीकृति करने वाली कमेटी में बुनियादी प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य श्यामनारायण शर्मा,जिला परियोजना समन्वयक संजय सक्सेना एवं जिला शिक्षा अधिकारी गंगा प्रसाद उपाध्याय शामिल हैं।

नियमानुसार आवेदन किया गया है,आवेदन स्वीकृति करने वाली कमेटी ने नियमानुसार आवेदन स्वीकृति किया होगा।

प्रवेश तिवारी
आवेदक एवं पूर्व बीआरसीसी

वित्तीय अनियमितता के संबंध में जानकारी नहीं है।ब्लैक एंड व्हाइट में लिखित शिकायत प्राप्त होने पर जांच की जाएगी।

श्याम नारायण शर्मा
कमेटी सदस्य एवं प्राचार्य डाइट