इसरो के हजारों कर्मचारियों ने निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी की नीति पर चिंता व्यक्त की है। नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को इसरो चेयरमैन वी. नारायणन को पत्र लिखकर निजीकरण नीति, इसरो की भविष्य की भूमिका और कर्मचारियों पर इसके असर की आधिकारिक जानकारी मांगी है। यह चिंता IN-SPACe अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका के बयान के बाद बढ़ी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में इसरो प्रक्षेपण यान नहीं बनाएगा। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे निजी भागीदारी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि निजीकरण की सीमा और इसरो की मुख्य जिम्मेदारियों पर स्पष्टता चाहते हैं।