शहडोल जिले के ब्यौहारी में स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को पैथालाॅजी सेंटरों की जांच के लिए पहुंची। कार्रवाई के डर से अधिकांश पैथालाॅजी संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हो गए। ओम पैथालाॅजी के संचालक सुनील तिवारी बिना पंजीकरण और डिग्री के खून की जांच कर रहे थे। अस्पताल के पास संचालित कई पैथालाॅजी और एक्स-रे सेंटरों में अनियमितताएं पाई गईं। जिला स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बिना कोई कार्रवाई किए ही लौटने का निर्णय लिया। नगरवासियों ने अवैध पैथालाॅजी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, जहां अधिक शुल्क वसूला जा रहा है और रेट सूची प्रदर्शित नहीं है।
इंदौर के खजराना थाना के पूर्व टीआई दिनेश वर्मा को ‘पाकेट गवाह’ मामले में गंभीर अनियमितताओं का दोषी पाया गया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने उन्हें तीन वर्षों के लिए निरीक्षक से उप निरीक्षक पद पर पदावनत करने का आदेश दिया। वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने 2020 से 2023 के बीच 742 मामलों में इरशाद और 504 मामलों में नवीन नामक व्यक्तियों को बार-बार गवाह बनाया, जिनमें हत्या, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। जांच में उनके द्वारा पुलिस रेगुलेशन के उल्लंघन और विवेचना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने की बात सामने आई है। वर्मा के बचाव तर्कों को असंतोषजनक पाया गया है।