बिहार के मधुबनी निवासी 20 वर्षीय पीयूष झा ने एक बेहद किफायती और अनोखा अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली विकसित की है। उनकी इस तकनीक को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा मान्यता और सम्मान मिला है। मुंबई की झुग्गियों में गंदे पानी से होने वाली बीमारियों से प्रेरित होकर पीयूष ने यह प्रणाली विकसित की, जो बिना हानिकारक रसायन के पानी साफ करती है और छोटे व मध्यम उद्योगों का खर्च 20 लाख से घटाकर 5-7 लाख रुपये कर देती है।