रतलाम में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की तैयारी है। संपदा अधिकारी ने भूखंडधारियों को सात दिन में गतिविधियां बंद करने के नोटिस जारी किए हैं, जिसमें लीज निरस्तीकरण की चेतावनी दी गई है। यह 15 सितंबर को जारी तीसरी चेतावनी है, इससे पहले जून और अगस्त में भी नोटिस दिए गए थे। शहर की अलकापुरी, जवाहर नगर सहित प्रमुख कॉलोनियों में दुकान, कार्यालय जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इस कार्रवाई से 3000 से अधिक भूखंडधारी प्रभावित होंगे। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल में शुरू हुई कार्रवाई के क्रम में एक कदम है।
सर्वोच्च न्यायालय ने भोपाल के रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्तर पर गठित 10 सदस्यीय समीक्षा समिति को भंग कर दिया और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दुकान संचालकों को दी गई राहत (स्टे ऑर्डर) को भी निरस्त कर दिया। नगर निगम की रिपोर्ट में 100 दुकानों को सील करने के दावे के मुकाबले केवल दो दुकानें सील होने का खुलासा होने पर न्यायालय ने फटकार लगाई। भोपाल नगर निगम को वास्तविक स्थिति सुधारने के लिए पांच सप्ताह का समय दिया गया है। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।