मध्य प्रदेश शासन ने वर्षा ऋतु में सर्पदंश की बढ़ती आशंका के मद्देनजर इसे स्थानीय आपदा घोषित किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को कार्ययोजना बनाने और सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम व जीवनरक्षक दवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर सर्प-मित्रों का नेटवर्क तैयार करने और सर्पदंश की घटनाओं का जिला स्तरीय डाटाबेस बनाने को कहा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रत्येक जिले को प्रशिक्षण एवं क्षमता वृद्धि हेतु 23.17 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश हैं।