आयुष्मान भारत निरामयम योजना में 1 अक्टूबर से नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) प्रमाणपत्र अनिवार्य हो गया है। इससे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लगभग 300 निजी अस्पतालों की संबद्धता प्रभावित हो सकती है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन ने लंबित भुगतानों और अतिरिक्त खर्च को लेकर आपत्ति जताई है और 8 अक्टूबर से योजना का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। सीईओ ने बताया कि यह शर्त गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों के भुगतान को लेकर मध्य प्रदेश में निजी अस्पतालों की एक माह से अधिक समय से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले 400 से अधिक अस्पताल हड़ताल पर थे। सरकार ने अस्पताल संचालकों की तीनों प्रमुख मांगों को मान लिया है। इनमें पोर्टल-1 के लंबित भुगतान के लिए एनएचए से पत्राचार, पोर्टल-2 के एक लाख से अधिक ऑडिट क्लेम के लिए 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम का गठन और एनएबीएच प्रमाण पत्र विवाद पर राहत शामिल है। स्वास्थ्य विभाग और एसोसिएशन के बीच बुधवार देर रात बैठक में सहमति बनी।