उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना सहयोग प्रदान करेगी। महू का मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) भीड़ और अपराध प्रबंधन के लिए अपनी तीन प्रमुख तकनीकें उपलब्ध कराएगा। नवंबर 2025 में प्रदेश सरकार और एमसीटीई के बीच अनुबंध हुआ था। इन तकनीकों में एआई-आधारित वाहन पहचान, चेहरा पहचान प्रणाली और साइबर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं, जिनका उपयोग वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा भी किया जा रहा है।