उमरिया पीटीएस में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अमिताभ प्रताप सिंह का गोंड अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने अमान्य कर दिया है। यह निर्णय फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने के मामले की सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद लिया गया। जांच में स्कूल, चर्च अभिलेखों और कलेक्टर-एसपी की रिपोर्ट में कई विसंगतियां सामने आईं। समिति ने पाया कि अनावेदक गोंड जनजाति से संबंध स्थापित करने वाले वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। एसआई फिलहाल अवकाश पर हैं, और पीटीएस उमरिया की एसपी ने आधिकारिक पत्र मिलने पर पीएचक्यू को आवश्यक प्रस्ताव भेजने की बात कही है।
मध्य प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को अनुसूचित जनजाति के लिए 23 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, कुल 39 प्रतिशत बजट प्रविधान रखने के निर्देश दिए हैं। विभागों को उपयोजना की राशि का उपयोग किन क्षेत्रों और योजनाओं में प्रस्तावित है, इसका स्पष्ट ब्योरा देना होगा। यह कदम उपयोजना के बजट के ऐसे क्षेत्रों में उपयोग होने के सवालों के बाद उठाया गया है, जिनका सीधा संबंध इन समुदायों से नहीं है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए ₹47,429 करोड़ (25.8%) और अनुसूचित जाति के लिए ₹31,192 करोड़ (17%) का प्रावधान किया गया है।