भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी नीलम पार्क में जारी रहा। आंदोलनरत शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा का बहिष्कार करने और फॉर्म न भरने का आह्वान किया है। उनकी प्रमुख मांगों में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखना और अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। मोर्चा पदाधिकारियों ने ठोस निर्णय न होने तक धरना जारी रखने की बात कही। इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज बढ़कर कुल 5.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
सीहोर के 63 वर्षीय विवेक रुठिया को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उनके दादा सेठ जुम्मालल रुठिया द्वारा ब्रिटिश भारत सरकार को दिए गए 35,000 रुपये के कर्ज पर ब्रिटेन के ऋण प्रबंधन कार्यालय से पहला आधिकारिक जवाब मिला है। यह कर्ज 4 जून 1917 को 5.5 प्रतिशत ब्याज के वादे पर दिया गया था। रुठिया परिवार ने मूल प्रमाणपत्र को एक सदी से अधिक समय से सहेज कर रखा है। ब्रिटेन के प्राधिकरण ने अब दावे की पुष्टि के लिए मूल दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं, जिसे विवेक रुठिया सम्मान और अहम की लड़ाई मान रहे हैं।