मध्य प्रदेश के नरवर स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पिछले तीन साल से बंद पड़ी है, लेकिन सरकारी फाइलों में यह लगातार सक्रिय दिखाई जा रही है और लाखों रुपये का बजट खर्च कर रही है। शिकायत पर जांच करने आए तत्कालीन उपसंचालक पान सिंह काकोरिया ने लैब का निरीक्षण किए बिना ही उसे ‘उत्तम’ लिखकर क्लीन चिट दे दी थी, और वे सीधे आरोपी संस्था के प्रबंधक के घर गए थे। अब फर्जी सैंपलिंग का आंकड़ा और भुगतान कई गुना बढ़ गया है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सगीर खान ने कृषि मंत्री से स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि कृषि उपसंचालक उमेश शाक्य ने जांच का आश्वासन दिया है।