इंदौर में ड्रग्स कनेक्शन की जांच अब जमीन के कारोबार तक पहुँच गई है। पुलिस ने पटवारी बंधुओं से जुड़े कॉलोनाइजर सुमीत जैन से करीब दस घंटे पूछताछ की है। पुलिस को किसानों से जमीन खरीदने की रेसो डील में छलावे का संदेह है। जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार, सुमीत जैन को राजेंद्र नगर थाने बुलाया गया था और उनसे जमीन के कारोबार तथा पटवारी बंधुओं से जुड़े लेन-देन के बारे में सवाल किए गए। पुलिस ने उनसे किसानों से खरीदी गई जमीन, अनुबंध, खरीद-बिक्री, टीएनसीपी और रेरा से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। सुमीत जैन की फर्म कृष्णायन में नाना पटवारी और भरत पटवारी के निवेश की जानकारी भी सामने आई है।
इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से नौ घंटे पूछताछ की। सुमित, भरत पटवारी और नाना पटवारी के पार्टनर हैं। पूछताछ में सुमित ने डायरी पर सौदा करने और सबूत मिटाने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद उसने डायरियों को पानी में गलाकर नष्ट कर दिया। एक होटल में नाना के साथ बैठक में सुमित पटेल को झूठा बयान देने के लिए तैयार करने की साजिश रची गई थी। जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, पुलिस अब भरत पटवारी और नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ करेगी।