एनएचएआई की एक विशेषज्ञ टीम उज्जैन-गरोठ हाइवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए नई निर्माण योजना तैयार करेगी। बाहर से आए सेवानिवृत्त एनएच अधिकारियों की तीन सदस्यीय पैनल ने स्थल का निरीक्षण किया है। इस योजना का उद्देश्य 10 से 17 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस हाइवे को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाना और सिंहस्थ-2028 के दौरान यातायात में किसी भी बाधा को रोकना है। यह हाइवे राजस्थान के यात्रियों और शहरी क्षेत्र के लिए बाईपास के रूप में महत्वपूर्ण होगा।