जबलपुर को देश के प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क कॉरिडोर की योजना पर कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, इस योजना में जबलपुर को वाराणसी, नागपुर, भोपाल-इंदौर, रायपुर, सागर-कोटा और खंडवा से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड व फोरलेन मार्गों को निर्माणाधीन रिंग रोड से एकीकृत किया जाएगा। इससे जबलपुर उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा के यातायात का प्रमुख केंद्र बनेगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के माध्यम से कई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर निर्भरता कम होगी।
मध्य प्रदेश सरकार सीएसआइआर-एम्प्री के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सीमेंट रहित कंक्रीट सड़कों का निर्माण करेगी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जियोपॉलीमर कंक्रीट तकनीक का अवलोकन किया, जो पानी बचाती है और कम मोटाई में भी उच्च मजबूती प्रदान करती है। इस तकनीक का उपयोग एम्स भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, राज्य में नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और फोरलेन मार्गों का विकास किया जा रहा है, जिसमें जबलपुर-भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर डीएमआईसी से जुड़ेगा। विजन 2047 के तहत 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क नेटवर्क की योजना है।