इंदौर में बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो परियोजना का विरोध तेज हो गया है, जिसमें अब खजराना और बंगाली चौराहे के बीच भी अंडरग्राउंड मेट्रो चलेगी। तिलकनगर, गोयल नगर व साईंनाथ कॉलोनी के 300 से अधिक रहवासियों ने बंगाली चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुराने मकानों में दरारें आने और घरों के बोरिंग खत्म होने की आशंका जताई। उधर, नगर निगम को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत से 97.57 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें संपत्ति, जल और कचरा कर शामिल हैं। नागरिकों ने भारी उत्साह दिखाया, और ई-नगर पालिका पोर्टल ने भी सुचारु रूप से कार्य किया।
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो टनल के नए अलाइनमेंट को लेकर रहवासियों में हड़कंप मच गया है। बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच यह टनल अब कनाड़िया रोड के बजाय सघन कॉलोनियों और हजारों मकानों के नीचे से गुजरने की तैयारी में है। वंदना नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी, तिलक नगर और संविद नगर में शुरू हुए मिट्टी परीक्षण से चिंतित निवासियों ने मेट्रो जीएम आरएस राजपूत से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। रहवासियों का तर्क है कि 200 फीट चौड़ी सड़क उपलब्ध होने पर भी हजारों मकानों की नींव को खतरे में क्यों डाला जा रहा है?