इंदौर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। शासन ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से यातायात समस्या के समाधान का दावा किया, जिस पर न्यायालय ने 21 सितंबर तक सुनवाई बढ़ा दी। याचिकाकर्ता इंजीनियर अतुल शेठ ने कॉरिडोर के लिए तकनीकी सर्वे न होने का आरोप लगाया। वहीं, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया और पानी की समस्या पर अधिकारियों को दो दिन में पाइपलाइन सुधारने के निर्देश दिए। महाकाल लोक तक 91 करोड़ रुपये की 650 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल भी बनेगी, जिससे यातायात में सुधार होगा।
मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 77.21 प्रतिशत परिवारों तक नल जल पहुंचने का दावा किया गया है। हालांकि, जिला स्तरीय आंकड़े इससे अलग तस्वीर दर्शाते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में लगभग 43 प्रतिशत और विदिशा में लगभग 33 प्रतिशत परिवारों तक अब भी नल का पानी नहीं पहुंचा है। प्रदेश के 8 जिलों, जिनमें सतना, छतरपुर और सिंगरौली शामिल हैं, में आधे से अधिक परिवार नल जल सुविधा से वंचित हैं। कुल 23 जिलों में नल जल कवरेज 70 प्रतिशत से कम है। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, कम कवरेज का कारण बहु-ग्राम जल योजनाओं का निर्माणधीन होना है।
भोपाल के कोलार जलशोधन संयंत्र से जुड़े 70 से अधिक इलाकों के निवासियों को अब बिजली कटौती के दौरान पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। 132 केवी महाबड़िया सब स्टेशन पर 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा रहा है, जिससे प्लांट को स्थायी वैकल्पिक बिजली स्रोत मिलेगा। नगर निगम इस बैकअप व्यवस्था के लिए डिपॉजिट स्कीम के तहत करीब 10 करोड़ रुपये देगा। हाल ही में एक प्लांड शटडाउन के कारण कई इलाकों में शाम की जल आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके बाद निगम और बिजली कंपनी के बीच यह सहमति बनी है।