दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के सामने जिले में संगठन का पुनर्गठन और नए जिलाध्यक्ष का चयन बड़ी चुनौती है। पार्टी एक ऐसे नेता की तलाश में है जो पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव का सामना कर सके। आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया जिलाध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार हैं। अनुसूचित वर्ग के महत्व को देखते हुए पिरौनिया एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। इस बीच, मिश्रा समर्थकों पर शुरू हुई संगठनात्मक कार्रवाई से पार्टी में हलचल है, जिस पर प्रदेश नेतृत्व सख्त रुख अपनाए हुए है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा दिल्ली में महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को पद से हटाया जाएगा और उनके स्थान पर नई नियुक्तियां की जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, महाकोशल, ग्वालियर-चंबल और भोपाल संभाग क्षेत्र के छह जिला अध्यक्षों को जल्द ही हटाया जा सकता है। पार्टी में कुल 71 शहर और ग्रामीण जिला इकाई अध्यक्ष हैं।