सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 5 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके कथित तौर पर अकेले लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ फैसले और बदलाव दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की सहमति के बिना किए गए, जबकि कानून में बहुमत के फैसले का प्रावधान है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और फॉर्म 6 में सॉफ्टवेयर द्वारा जोड़े गए बदलावों को चुनौती दी गई है। चुनाव आयोग ने विचारों में अंतर को सामान्य बताया है।