प्रदेश सरकार एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस साल पदोन्नति देने के बाद अगले साल फिर से पदोन्नति की तैयारी कर रही है। इसमें पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले और वर्ष 2016 से पदोन्नति पर रोक के चलते रुके हुए अधिकारी-कर्मचारी पात्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर-नवंबर में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन किया जाएगा। न्यूनतम सेवा अवधि में छूट का प्रविधान कर 31 दिसंबर 2027 तक के प्रत्याशित पदों को भी शामिल किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी में इंजीनियरों की पदोन्नति फाइलों में हेरफेर के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने अनुभाग अधिकारी दयानंद उपाध्याय को कार्यमुक्त कर उनकी सेवाएं सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी हैं। यह मामला सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों की डीपीसी के लिए तैयार फोल्डरों में लंबित विभागीय जांच छिपाने और गोपनीय प्रतिवेदनों में काट-छांट करने से जुड़ा है। तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा गड़बड़ी संज्ञान में आने के बाद डीपीसी रद्द कर दी गई थी, जिससे 23 अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों पर पदोन्नति अटक गई है।