मध्य प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट दर शून्य प्रतिशत पर आ गई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2002-03 में यह दर 15 प्रतिशत थी, जो पिछले 23 वर्षों में घटकर शून्य हुई है। हालांकि, माध्यमिक स्तर पर 6.2 प्रतिशत और सेकंडरी स्तर पर 13 प्रतिशत विद्यार्थी अभी भी पढ़ाई छोड़ रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़े रखने में प्रोत्साहन योजनाओं और ‘गृह संपर्क अभियान’ जैसी पहलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अभियान के तहत तीन लाख से अधिक बच्चों को स्कूलों से दोबारा जोड़ा गया है।