मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने माता-पिता के विरोध के बावजूद जैन साध्वी बनने की इच्छुक 20 वर्षीय महिला को राहत दी है। इंदौर बेंच के जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने 7 सितंबर को अपने आदेश में कहा कि एक बालिग नागरिक अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने और अपनी पसंद के धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है। महिला ने श्वेतांबर जैन धर्म अपनाने और दीक्षा लेने का फैसला किया था, लेकिन उसके माता-पिता और रिश्तेदार विरोध कर रहे थे। कोर्ट ने महिला को पुलिस सुरक्षा मांगने का अधिकार दिया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, यदि उसे जबरदस्ती का सामना करना पड़ता है।