शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने के साथ ही माता वैष्णो देवी, मैहर और हिमाचल प्रदेश के मंदिरों की यात्रा के लिए ट्रेनों में सीटों की भारी मांग है। ग्वालियर से जम्मू-कटरा जाने वाली कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति है, जबकि स्लीपर और एसी श्रेणियों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। 11 से 15 अक्टूबर तक हिमसागर, झेलम, मालवा और अंडमान एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं या लंबी प्रतीक्षा सूची है। दिल्ली के रास्ते भी कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है, जिससे श्रद्धालुओं को तत्काल कोटे पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
हैदराबाद में नवरात्रि के डांडिया आयोजनों में मुस्लिम बाउंसरों की नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी संगठनों के दबाव में आयोजक मुस्लिम बाउंसरों को काम नहीं दे रहे हैं, जिस पर उन्होंने पुलिस कार्रवाई की मांग की। भाजपा से निलंबित विधायक राजा सिंह ने ओवैसी के रुख पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मुस्लिम बाउंसरों के कारण ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़े हैं। उन्होंने हिंदू बाउंसरों की तैनाती का समर्थन किया और गैर-हिंदू बाउंसरों की मौजूदगी पर कार्यक्रमों को रोकने की चेतावनी दी। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद का विषय बन गया है।