केंद्र सरकार ने फ्लूपेंरिक्सोल, जोपिक्लोन, गैबापेंटिन और कैरिसोप्रोडोल को दवा नियमों की अनुसूची एच1 में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार इस प्रस्ताव के अनुसार, मंजूरी के बाद ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। इनकी बिक्री और रिकॉर्ड रखने के नियम सख्त होंगे, जिसमें मरीज, डॉक्टर और दवा की जानकारी दर्ज करनी होगी। यह कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल और नशे के रूप में इनके प्रयोग पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि ये दवाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं।