इंदौर, जो पिछले आठ वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा प्राप्त है, में सार्वजनिक सुविधाघर बदहाल स्थिति में हैं। नईदुनिया के सर्वेक्षण में सामने आया है कि 90 प्रतिशत से अधिक सुविधाघरों में पानी नहीं है, और कई में यूरिनल तथा वॉश-बेसिन भी गायब हैं। नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले विशेष सफाई अभियान चलाता है और 100% अंक प्राप्त करता है, लेकिन सर्वेक्षण टीम के जाने के बाद इन्हें उपेक्षित छोड़ दिया जाता है। रखरखाव केवल कागजों पर हो रहा है, जिससे गंदगी सड़क पर बहती रहती है और नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है। शहर में लगभग 350 सुविधाघर हैं।