प्रदेश सरकार एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस साल पदोन्नति देने के बाद अगले साल फिर से पदोन्नति की तैयारी कर रही है। इसमें पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले और वर्ष 2016 से पदोन्नति पर रोक के चलते रुके हुए अधिकारी-कर्मचारी पात्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर-नवंबर में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन किया जाएगा। न्यूनतम सेवा अवधि में छूट का प्रविधान कर 31 दिसंबर 2027 तक के प्रत्याशित पदों को भी शामिल किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने कृषि मंडियों के वर्गीकरण नियमों में बदलाव किया है। संशोधित नियमों के तहत, मंडियों की श्रेणी का निर्धारण उनकी वार्षिक आय और उपज की आवक के आधार पर होगा। वार्षिक आवक पिछले तीन वर्षों के औसत पर आधारित होगी। ‘क’ श्रेणी के लिए 6 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय और 2.5 लाख टन से अधिक उपज आवक निर्धारित की गई है, जबकि ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’ श्रेणियों के लिए आय और उपज की अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं। यह संशोधन कृषि विभाग द्वारा किया गया है।