उच्च न्यायालय ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर दिया है। कलेक्टर ने न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर माफी मांगी और आदेश के पालन की जानकारी दी। यह वारंट पूर्व के आदेश का पालन न करने पर जारी किया गया था, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिजवी के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों पर 90 दिनों में अभ्यावेदन निराकरण के निर्देश थे। अवमानना याचिका दायर होने के बाद भी कलेक्टर की ओर से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई थी, जिसके चलते गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।