मध्य प्रदेश सरकार ने बस और वाहन मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों और बस ओनर्स एसोसिएशन के सदस्यों की एक समिति गठित की है। यह समिति सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत प्रस्तावित मार्गों पर पहले से चल रही बसों को समायोजित करने, नए वाहनों के पंजीयन को सुनिश्चित करने और 15 वर्ष पुराने वाहनों को परमिट देने के संबंध में अपना अभिमत देगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद मंत्रियों की समिति की अनुशंसा पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में एक से पंद्रह अगस्त तक जनता के लंबित कार्यों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त किरण शर्मा के अनुसार, इस अभियान में ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसका निराकरण कार्यालय स्तर पर या शिविर लगाकर होगा। सभी जिलों से आवेदनों का डेटा भी मांगा गया है। हालांकि, परिवहन विभाग की कई सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद क्वेरी आने पर वाहन मालिकों को कार्यालय बुलाया जाता है।