एम्स भोपाल और सिप्ला फाउंडेशन ने गंभीर और जीवन-सीमित बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर तथा सम्मानजनक उपशामक देखभाल प्रदान करने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत भोपाल सहित मध्य भारत में उपशामक देखभाल सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। इसमें मरीजों को दर्द से राहत, मानसिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना शामिल है। एम्स भोपाल की उपशामक देखभाल इकाई के प्रभारी डॉ. अनुज जैन के अनुसार, समझौते से आम लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही, घर पर उपशामक देखभाल की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।