जबलपुर में 10 अगस्त को 35 किलोमीटर की ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक और प्रकृति संरक्षण का संदेश देना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसमें शामिल होंगे। यात्रा ग्वारीघाट से शुरू होकर मटामर स्थित कैलाश धाम पहुंचेगी, जहां अखिलेश्वर महादेव का अभिषेक किया जाएगा और देववृक्ष स्थापित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा प्राचीन कांवड़ परंपरा को पर्यावरण चेतना से जोड़ती है, जिसमें नर्मदा जल के साथ देववृक्षों को शामिल किया गया है। महायोगी दादागुरु के सानिध्य में यह आयोजन सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का संदेश देगा।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बर्ड वाचिंग के लिए निकले तीन लोगों का बाघिन से महज चार-पांच फुट की दूरी पर अचानक सामना हो गया। यह घटना पतौर परिक्षेत्र की गंजरहा बीट में हलफल नदी के किनारे हुई। शाम के समय जब वे नदी से गुजर रहे थे, तो ताजे पगमार्क देखने के बाद अचानक बाघिन सामने आ गई और दहाड़ लगाई। सब कुछ दस सेकंड में हुआ। पाँच साल बीत जाने के बाद भी यह घटना उनकी यादों में जीवंत है, जो जंगल में सतर्कता और प्रकृति के सम्मान का संदेश देती है।