मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पानी की गुणवत्ता जांच में गंभीर कमियां सामने आई हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की सभी 155 जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं में रासायनिक विषाक्तता जांच की सुविधा नहीं है। केवल एक राज्य-स्तरीय प्रयोगशाला में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का परीक्षण संभव है। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से विस्तृत जांच की मांग की है। प्रदेश के 77.21% घरों में नल कनेक्शन हैं, लेकिन 23 जिलों में पेयजल आपूर्ति कवरेज 70% से कम है।