भोपाल में एक महिला ने खुद को ट्रेनी आईएएस अधिकारी और मप्र पर्यटन की एडिशनल डायरेक्टर बताकर रोहित लिल्हारे नामक व्यक्ति से 39.17 लाख रुपये ठग लिए। महिला ने उसे एमपीटी की संपत्तियां लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उसने संपत्ति के लिए 35.30 लाख और नौकरी के लिए 3.87 लाख रुपये लिए। काम न होने पर रोहित ने पैसे वापस मांगे, जिस पर उसे केवल एक लाख रुपये ऑनलाइन लौटाए गए। पुलिस ने जांच के बाद महिला, उसके दो भाइयों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को सरकारी नौकरी और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की संपत्ति दिलाने का झांसा देने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके नए वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर में ब्लॉगिंग करती दिख रही हैं और खुद को प्रोबेशनर बता रही हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने अपनी फर्जी पहचान बनाने के लिए इन गतिविधियों का कब तक इस्तेमाल किया। तृप्ति पर चंदेरी में 9.80 लाख रुपये और भोपाल में 39.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
इंदौर में एक व्यक्ति को फर्जी आईएएस अधिकारी ‘राज सोनी, जिला कलेक्टर’ बनकर घूमने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अहमदाबाद निवासी हिमांशू पंचाल के रूप में हुई है, जो लगभग एक महीने से इंदौर में अपनी माँ के साथ रह रहा था। उसने घर के बाहर कलेक्टर की नेमप्लेट लगा रखी थी और वाहन चालकों को स्थायी नौकरी का झांसा दिया। बायपास के एक होटल में करीब 16 हजार रुपये का बिल छोड़कर भागने के बाद होटल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ा। हिमांशू का गुजरात में थानेदार बनकर अवैध वसूली का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।