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भोपाल में मठ के पते से 40 फर्जी पासपोर्ट जारी, एसटीएफ कर रही जांच

भोपाल में एक संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच में मध्यप्रदेश एसटीएफ ने पाया है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते से करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किए। एसटीएफ लगभग 70 पासपोर्ट की पड़ताल कर रही है, जिनमें से कई 2021-22 में जारी हुए थे। इस मामले में पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। कुछ पासपोर्ट धारकों के कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों की विदेश यात्रा के रिकॉर्ड भी मिले हैं। एसटीएफ ने इस नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 100 और गिरफ्तारियों की संभावना है।

फर्जी पासपोर्ट मामले में 2025 की पुलिस कार्रवाई सवालों के घेरे में

मध्य प्रदेश के फर्जी पासपोर्ट मामले में 2025 में हुई पुलिस कार्रवाई पर अब सवाल उठ रहे हैं। दावा है कि उस समय पांच आवेदकों की सिफारिश वापस लेने के बाद रियल चौधरी को क्लीन चिट दी गई थी। हालांकि, एसटीएफ की मौजूदा जांच में करीब 69 फर्जी पासपोर्ट सामने आए हैं। इन पासपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। जांच का दायरा अब निवास प्रमाण पत्र, पहचान दस्तावेजों और पुलिस वेरिफिकेशन तक फैल गया है। एसटीएफ डबरा, आमला और गोविंदपुरा थानों में हुए वेरिफिकेशन की जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट रैकेट में 12 अधिकारी STF के रडार पर

मध्य प्रदेश में बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट बनाने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल के 12 पुलिस अधिकारियों व अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो अब STF की रडार पर हैं। साल 2021 में ग्वालियर के डबरा से शुरू हुए इस खेल में 17 फर्जी पासपोर्ट पर एक ही गवाह, पता और मोबाइल नंबर था। विदेश मंत्रालय ने 2023 में ही पीएचक्यू को आगाह किया था, जिसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि 08 की तलाश जारी है।

बौद्ध मठों के पते पर 70 फर्जी पासपोर्ट, मास्टरमाइंड रियाल चौधरी गिरफ्तार; बांग्लादेश कनेक्शन की जांच तेज

एसटीएफ ने बौद्ध मठों के पते पर 70 फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी को गिरफ्तार किया है। उस पर भोपाल के एक बौद्ध मठ के पते पर 40 फर्जी पासपोर्ट बनवाने में भी संलिप्तता का संदेह है। चौधरी एक पासपोर्ट के लिए 25 हजार रुपये लेता था और धारकों को बौद्ध अनुयायी बताता था। रियाल चौधरी खुद बांग्लादेशी है और उसने असम में निवास के दस्तावेज बनवाए थे। एसटीएफ बांग्लादेश कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

STF ने भोपाल फर्जी पासपोर्ट सिंडिकेट मामले में दो और आरोपी हिरासत में लिए

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भोपाल से संचालित फर्जी पासपोर्ट सिंडिकेट मामले में दो और आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें एक कैफे संचालक और मुख्य आरोपी रियाल चौधरी का केयर टेकर शामिल है। इससे पहले रियाल चौधरी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में अब तक 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं, जिनमें भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 पासपोर्ट शामिल हैं। STF विदेशी फंडिंग और सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मध्य प्रदेश STF सात राज्यों में दबिश दे रही है।

भोपाल से बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने वाला एजेंट नसीम अख्तर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश एसटीएफ ने बांग्लादेशियों के लिए फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में भोपाल निवासी एजेंट नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया है। अख्तर ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर बौद्ध अनुयायी दर्शाते हुए पासपोर्ट बनवाए थे। उसने भोपाल में सामने आए 70 मामलों में से 10 पासपोर्ट बनवाने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में पासपोर्ट सेवा केंद्र में सांठगांठ का खुलासा हुआ है, जहां वह एक पासपोर्ट के लिए 20 हजार रुपये लेता था। एसटीएफ अन्य राज्यों में भी जांच कर रही है और विदेश यात्रा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।