मध्य प्रदेश में हाल ही में पांच फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने लाखों रुपये की ठगी की। इनमें तृप्ति सिंह राजपूत ने खुद को आईएएस और MPSTDC की एडिशनल डायरेक्टर बताया, वहीं आठवीं पास विकास गौतम ने सोशल मीडिया पर खुद को आईपीएस अधिकारी दर्शाया। एम.टेक पासआउट ऋषि कुमार यादव ने गलत स्पेलिंग वाले नियुक्ति पत्र के कारण पोल खुलने पर गिरफ्तारी हुई। हिमांशु पांचाल ने ‘आईएएस राज सोनी’ बनकर इंदौर के होटलों और ड्राइवरों को निशाना बनाया। दिल्ली निवासी अतुल कुमार ने खुद को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का संयुक्त सचिव बताकर उज्जैन के महाकाल मंदिर में वीआईपी सुविधा का दबाव बनाया।