बालाघाट में खसरा, मलेरिया और कुपोषण के संयुक्त प्रकोप से 26 बच्चों की मौत हो गई है। प्रदेश में खसरे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं; पिछले वर्ष 1,800 के मुकाबले इस वर्ष शुरुआती आठ महीनों में 1,450 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। भिंड में सर्वाधिक 125 मामले हैं, जबकि शिवपुरी और ग्वालियर में भी लगभग 90-90 रोगी मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खसरे का संक्रमण हर चौथे वर्ष बढ़ता है और एक रोगी से 20 अन्य लोगों तक फैल सकता है। तत्काल पहचान, उपचार और टीकाकरण इसकी रोकथाम के प्रभावी उपाय हैं।
बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कुपोषण, खसरा और मलेरिया से 26 बच्चों की मृत्यु के बाद 67 नए चिकित्सा अधिकारी तैनात किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन व जांच और उच्च जोखिम वाली महिलाओं के नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसव प्रतीक्षा गृहों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कर्मचारियों के प्रभावी उपयोग और चिकित्सकों की मैदानी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ.