इंदौर मेट्रो परियोजना अब भूमिगत निर्माण चरण में है। एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन तक बनने वाली सुरंग के 30 मीटर दायरे में आने वाले भवनों और जमीन की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निर्माण से पहले विस्तृत सर्वे होगा और जमीन व भवनों पर सेंसर स्थापित किए जाएंगे। ये सेंसर खिसकाव, कंपन और सूक्ष्म बदलावों को रिकॉर्ड करेंगे। मामूली बदलाव की भी तत्काल रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे यातायात पर न्यूनतम असर पड़ेगा।