बालाघाट में 25 और 26 अगस्त को मलेरिया संक्रमण से लवकुश (6) और माही (4) नामक दो बच्चों की मौत हो गई, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में मरने वाले बच्चों की संख्या 10 हो गई है। लवकुश के शव को उनके माता-पिता की गैरमौजूदगी में जल्दबाजी में दफनाने को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन का कहना है कि अंतिम संस्कार दादा-दादी की सहमति से हुआ, जबकि सीएमएचओ ने मलेरिया से मौत के मामलों में पोस्टमार्टम न होने की बात कही।