उज्जैन में सोमवार सुबह शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कार्रवाई के दौरान तनाव बढ़ गया। विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में आंसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत दो सड़कों को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। उच्च न्यायालय ने मस्जिद पक्ष की याचिकाएं खारिज कर दी थीं और नगर निगम की कार्रवाई को वैध माना था। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच रात में सहमति बनी थी, लेकिन समाज के दूसरे गुट के विरोध के कारण स्थिति बिगड़ी। इसी सड़क पर 12 अन्य धार्मिक स्थल पहले ही हटाए जा चुके हैं।
उज्जैन में शाही मस्जिद तोड़ने के दौरान हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने कुल 8 एफआईआर दर्ज कर 20 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं, जिन पर रील्स बनाकर लोगों को उकसाने का आरोप है। पुलिस ने दूसरे शहरों से आए कुछ लोगों को भी अशांति फैलाने की कोशिश के आरोप में पकड़ा है। इस घटनाक्रम से पहले एक हफ्ते से मस्जिद बचाने की मुहिम सोशल मीडिया पर चल रही थी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मुस्लिम कमेटी ने स्वयं मस्जिद तोड़ने का फैसला लिया है, और सड़क चौड़ीकरण के लिए 3.5 फीट हिस्सा हटाने पर पहले ही सहमति बन चुकी थी।