महेश्वर के प्रख्यात बुनकर कमल गोड को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए मिला। गोड ने अपनी पुरस्कार विजेता कृति को महेश्वर की सांस्कृतिक विरासत और देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा को समर्पित किया। उनकी साड़ी का डिज़ाइन अहिल्या किले की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यह सम्मान महेश्वरी हथकरघा परंपरा को देशभर में नई पहचान दिलाएगा।
महेश्वर स्थित ऐतिहासिक अहिल्या किले से छलांग लगाकर 45 वर्षीय लक्ष्मी हरभजन सिंह चंदेल ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसमें घरेलू विवाद की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले महिला किले में घूम रही थी। वहीं, खरगोन में अहिरखेड़ा चौकी पुलिस ने गोवंश तस्करी के एक मामले में तीन गोवंश मुक्त कराए और वाहन जब्त किया। चालक व वाहन मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
महेश्वर के अहिल्या किले के चबूतरे से छलांग लगाने के बाद एक 46 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका की पहचान स्थानीय निवासी लक्ष्मी, पत्नी हरभजन सिंह चंदेल के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 8:30 बजे घटित हुई। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, महिला घटना से पहले किले परिसर में मिठाई का पैकेट लेकर घूम रही थी। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है।