ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंकने वाले वाराणसी निवासी युवक को मेडिकल परीक्षण में मानसिक रोगी पाया गया है। कोर्ट के आदेश पर हुए इस परीक्षण के बाद पुलिस ने उस पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की और उसे मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया। युवक ने मंगलवार रात करीब 10 बजे घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद वायुसेना के जवानों ने उसे पकड़ा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पूछताछ में उसने ‘दिमाग हैक करने वाली डिवाइस’ की बात कही। उसके स्वजनों ने बताया कि वह आठ साल से वाराणसी में इलाज करा रहा है और अक्सर अलग-अलग शहरों में घूमता रहता है।
ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सुविधा अगस्त माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन ने मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी है और तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जीआरएमसी प्रबंधन ने केबल बिछाने के लिए टेंडर जारी कर कार्यादेश भी दिए हैं। इस सुविधा से गंभीर मरीजों को अस्पताल परिसर में ही तत्काल जांच मिल सकेगी, जिससे इलाज में तेजी आएगी और उन्हें पुराने परिसर ले जाने का जोखिम कम होगा। एमआरआई मशीन की लागत लगभग 17.02 करोड़ रुपये है।